*****बदलता दौर*****
पहले DD का दौर था,
अब HD का जमाना है,
पहले हम घर में रहते थे,
अब हम फ्लैट ढूंढ़ते हैं,
पहले घर-घर रामायण थी,
अब हर देश महाभारत है,
पहले फिरंगियों से डरते थे
अब आतंकियों से मरते हैं,
पहले खुशियाँ हज़ारों थी
अब तो ग़म ढेर सारो है,
(मौलिक)