Monday, November 16, 2015

बदलता दौर


*****बदलता दौर*****

पहले DD का दौर था,
अब HD का जमाना है,

पहले हम घर में रहते थे,
अब हम फ्लैट ढूंढ़ते हैं,

पहले घर-घर रामायण थी,
अब हर देश महाभारत है,

पहले फिरंगियों से डरते थे
अब आतंकियों से मरते हैं,

पहले खुशियाँ  हज़ारों थी
अब तो ग़म ढेर सारो है,
                                   (मौलिक)

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