Showing posts with label इप्टा. Show all posts
Showing posts with label इप्टा. Show all posts

Thursday, March 8, 2018

सजा कला, प्रतिभा और संस्कृति का मंच


प्रमुख 'रंगकर्मी स्व. जितेंद्र रघुवंशी और सुलहकुल की विरासत' पर मंथन 
करते हुए वक्ताओं ने उनकी स्मृति में रंग भरे.


रंग-ए-सुलहकुल आयोजन के अवसर पर साझा मंच पर जब युवाओं ने अपने 
शहर की विरासत को सहेजा तो उनकी गंभीरता और परिपक्वता गजब की नजर आई. 
कई सांस्कृतिक और रंगारंग प्रस्तुतियों ने मनमोह लिया. 





कार्यक्रम का उद्घाटन वैचारिक सत्र के साथ हुआ. इस अवसर पर 'जितेन्द्र रघुवंशी और सुलहकुल की विरासत' पर इप्टा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. ज्योत्सना रघुवंशी ने प्रमुखता से प्रकाश डालते हुए कहा कि जितेंन्द्र रघुवंशी विभिन्न संस्कृतियों के हामी थे और युवा पीढ़ी को साथ लेकर चलते थे. वरिष्ठ पत्रकार हरिनारायण, विनय पतसारिया, प्रमोद सारस्वत ने विशिष्ट उपस्थिति दर्ज कराई. 


अनूठी प्रस्तुतियों ने मनमोहा
सांस्कृतिक सत्र में कला और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला. अन्तरा मुखर्जी का भाव अभिनय कथक में नजर आया. आशीष दधीचि ने 'शहर की आवाजें' सुनाईं तो लोगों के जेहन में प्रमुख स्थान दिखाई देने लगे. मोहित कुलश्रेष्ठ ने साहित्यकार प्रेमचंद की कृति 'बड़े भाई साबÓ की प्रस्तुति देकर मंत्रमुग्ध कर दिया. भास्कर झा ने काव्य पाठ की प्रस्तुति दी. काजल शर्मा और अन्तरा मुखर्जी ने ब्रज की होली की अनूठी प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं.


कलाकारों का किया सम्मान
  






सभी को किशन लाल लहरी स्मृति ट्रस्ट के गौरव लहरी और सभी अतिथियों ने सभी कलाकारों को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र  दिए.











सराहनीय सहयोग किया


इस अवसर पर स्वीटी अग्निहोत्री, डॉ. शशि तिवारी आदि ने विचार रखे. राजवीर सिंह राठौर, डॉ. अरशद, डॉ. प्रेमशंकर, डॉ. ब्रज किशोर और राजीव जैन, चिन्मय शर्मा, मुदित शर्मा, दीपक जैन, प्रमेंद्र, मुदित शर्मा, निर्मल सिंह, रमेश मिश्रा, विशाल झा, अमोल शिरोमणि, वासिफ शेख, अनुज लहरी, चिन्मय गोस्वामी आदि ने सराहनीय सहयोग किया. संचालन मानस रघुवंशी और नीतू दीक्षित ने किया.  अंत में समन्वयक डॉ विजय शर्मा ने सभी को धन्यवाद ज्ञापन किया.

Monday, March 5, 2018

रंग-ए-सुलहकुल: 'साझा' मंच पर रखी युवाओं ने 'विरासत'


'जिनका काम है सियासत, वो जाने, 
मेरा पैगाम है मोहब्बत, जहां तक पहुंचे' 
सुलहकुल के इस संदेश के साथ युवा विरासत की साझी पहल रंग-ए-सुलहकुल का आगाज सोमवार को गोवर्धन होटल में हो गया. इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई.

गूंजी तबले की थाप
कार्यक्रम का उद्घाटन श्रीमती भावना रघुवंशी और सूफी परंपरा के संवाहक सैयद अजमल अली शाह नियाजी ने संयुक्त रूप से किया. प्रख्यात शायर जनकवि नजीर अकबराबादी का होली गीत आकांक्षा शर्मा ने 'जब फागुन रंग झमकते हो' सुनाया. राग रिदम में युवा तबला वादक भानु प्रताप सिंह ने अपनी उंगलियों का जादू तबरे पर बिखेरा.

जन गीतों का गायन
भारतीय जन नाट्य संघ के कलाकारों ने दिलीप रघुवंशी के संयोजन में जन गीतों का गायन किया. इसमें अजय शर्मा, मिथुन चौहान, मनीष कुमार, अर्जुन गिरि, निर्मल सिंह, योगेंद्र स्वरूप, पुनीत, भारत, शिवम ने प्रतिभा का प्रदर्शन किया.

सुलहकुल संस्कृति का प्रतीक

होली व सुलहकुल को भाईचारे का प्रतीक बताते हुए डॉ. जेएन टंडन ने शहर के प्रमुख रंगकर्मी स्व. जितेंद्र रघुवंशी को सुलहकुल संस्कृति का प्रतीक बताया.

कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन
नृत्य ज्योति कथक केंद्र की नृत्यांगनाओं ने ज्योति खंडेलवाल के निर्देशन में 'सूर के कन्हाईÓ प्रस्तुत किया. इसमें कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया. इप्टा की नायाब प्रस्तुति 'सेठ बांकेमलÓ का चरित्र चित्रण का अभियन निर्मल सिंह ने किया.

गली-घाटों की प्रदर्शनी दिखी 
'जूम ऑन आगराÓ के तहत परिसर प्रदर्शनी में वासिफ शेख और अनुज लहरी ने आगरा के स्मारकों, गलियों और घाटों की फोटो प्रदर्शनी लगाई. संचालन डॉ. विजय शर्मा ने किया. विशिष्ट अतिथि गजेंद्र सिंह, स्वीटी अग्निहोत्री, डॉ. बृज खंडेलवाल, शशि शिरोमणि और शशि तिवारी आदि ने विचार रखे. कार्यक्रम में ज्योत्सना रघुवंशी, फैज अली शाह, चिन्मय शर्मा, मुदित शर्मा, दीपक जैन, आशीष दधीचि, मुदित शर्मा, शरद गुप्ता आदि ने सराहनीय सहयोग किया.



      *शब्द रंग*
*6 मार्च, मंगलवार,  3 बजे 2018*
*विमोचन : लघु पुस्तिका *
'उर्दू : हमारी साझी विरासत'
लेखक - शेष नारायण सिंह
   *सुलहकुल और उर्दू*
एक बातचीत
*उर्दू इश्क़ की जुबान*
एड. अमीर अहमद जाफ़री
उर्दू शायर 
*उर्दू और उसके तालिबे इल्म*
डॉ नसरीन बेगम 
वरिष्ठ प्राध्यापक, उर्दू विभाग
बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय, आगरा।
*सांस्कृतिक सत्र*
हवाईयन गिटार वादन :
शुभम सिंह जाखड़
गायन: अब्बास अमीर जाफ़री
*परिसर में प्रदर्शनी*
*कैरिकेचर*
मदन गोपाल, युवा कार्टूनिस्ट
(जलपान)
*स्थान: शहीद स्मारक, संजय प्लेस ,आगरा।* 

Sunday, March 4, 2018

आज से होगा रंग-ए-सुलहकुल का आगाज



चार दिन तक होंगे शहर में कई सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्यक्रम
युवा विरासत की साझी पहल रंग-ए-सुलहकुल का आज से आगाज होने जा रहा है. इस अवसर पर शहर भर में विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग संस्थाओं द्वारा कई अनूठे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. रविवार को शहीद स्मारक पर आयोजित रंग-ए-सुलहकुल आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने प्रेस कांफ्रेंस में विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा को समझाया.

जूम ऑन आगरा पर प्रदर्शनी 

पदाधिकारियों ने बताया कि रंग-ए-सुलह का उद्घाटन गोवर्धन होटल में शाम चार बजे से होगा. राग-रंग की थीम पर नजीर की होली सुनाई देगी तो इप्टा के जनगीत के स्वर भी गूंजेंगे. राग रिदम में तबले की थाप बजेगी. 'होली सुलहकुल का त्योहारÓ विषय पर डॉ. जेएन टंडन का व्याख्यान सुनने को मिलेगा. 'सेठ बांकेमलÓ की भाव अभिनय की प्रस्तुति दी जाएगी. सूर के कन्हाई पर नृत्य ज्योति कला केंद्र के कलाकारों द्वारा गु्रप डांस होगा. कैंपस में 'जूम ऑन आगराÓ पर प्रदर्शनी में मोबाइल फोटोग्राफी की कलाकृतियां देखने के लिए मिलेंगी. 

दिखेंगे आगरा के कैरीकेचर


इसके साथ ही छह मार्च को शहीद स्मारक संजय प्लेस में दोपहर तीन बजे 'उर्दू हमारी साझी विरासतÓ लघु पुस्तिका का विमोचन, सुलहकुल और उर्दू पर एक बातचीत, उर्दू गजल-आज के इश्क की जबान, उर्दू और उसके तालिबे इल्म, हवाईयन गिटार वादन, गायन, फिल्म एंड थियेटर क्रियेशन गु्रप द्वारा बिन पानी सब सून नामक नुक्कड़ नाटक के अलावा परिसर में ही कैरीकेचर ऑफ आगरा बाई मदन गोपाल की प्रदर्शनी का आयोजन होगा.

गूंजेंगी शहर की आवाजें
सात मार्च को नागरी प्रचारिणी सभा के मानस भवन में शाम चार बजे से रंगकर्मी स्व. जितेंद्र रघुवंशी को समर्पित स्मृति रंग के तहत कथक, शहर की आवाजें, बड़े भाई साहब एकल प्रस्तुति, रंग-ध्वनि, काव्य पाठ, बृज की होली, ललित कला संस्थान की चित्रकला प्रदर्शनी, ललित कला विभाग की इनले वर्क पेंटिंग, लीगेसी आर्ट स्टूडियो की तरफ से स्कल्पचर के साथ परिसर प्रदर्शनी का आयोजन होगा. आठ मार्च को नागेश्वर मंदिर कैंपस, बाग मुजफ्फर खान पर 'रंग तरूणीÓ के तहत मेरी पाठशाला की छात्राओं द्वारा 'मेरे रंग की दुनियाÓ विषय पर वर्कशॉप और पेंटिंग कंप्टीशन, नाट्य प्रस्तुति-आधी औरत आधा ख्वाब, परिसर प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा.


---------आज राग रंग----------
5 मार्च सोमवार  
शाम 4 बजे, 2018
"रंग ए सुलहकुल"
उदघाटन: 
श्रीमती भावना जितेन्द्र रघुवंशी
सैयद अजमल अलीशाह  
*होली सुलहकुल का त्योहार*
वक्ता- डॉ. जे एन टंडन, 
समाज विद और बाल रोग विशेषज्ञ
*अध्यक्षता* :  डॉ विनीता सिंह, निदेशक, ललित कला संस्थान, डॉ भीमराव आम्बेडकर विवि, आगरा।
*विशेष उपस्थिति* : डॉ. सोम ठाकुर, श्री सुरेन्द्र शर्मा, इंजी. शशि शिरोमणि राजवीर सिंह राठौर, डॉ. शशि तिवारी, डॉ. ज्योत्स्ना रघुवंशी, श्री गजेंद्र सिंह।
*नज़ीर की होली*
रचना : नज़ीर अकबराबादी
गायन प्रस्तुति: आकांक्षा शर्मा
*इप्टा के जनगीत*
संयोजन : दिलीप रघुवंशी
*ताल रिदम*
तबला वादन : भानु प्रताप सिंह
*सेठ बाँकेमल*
कृति : अमृतलाल नागर 
एकल नाट्य : निर्मल सिंह
*ब्रज के कन्हाई*
नृत्य प्रस्तुति : नृत्य ज्योति कत्थक कला केंद्र के विद्यार्थियों द्वारा
निर्देशक: श्रीमती ज्योति खण्डेलवाल.
परिसर में  प्रदर्शनी
*Zoom on Agra*
Mobile Click By 
*wasif khan & Anuj Lahari*

(होली मिलन और जलपान)
*स्थान: होटल गोवर्धन, दिल्ली गेट आगरा*

--------------------------------------------------------------------