प्रमुख 'रंगकर्मी स्व. जितेंद्र रघुवंशी और सुलहकुल की विरासत' पर मंथन
करते हुए वक्ताओं ने उनकी स्मृति में रंग भरे.
रंग-ए-सुलहकुल आयोजन के अवसर पर साझा मंच पर जब युवाओं ने अपने
शहर की विरासत को सहेजा तो उनकी गंभीरता और परिपक्वता गजब की नजर आई.
कई सांस्कृतिक और रंगारंग प्रस्तुतियों ने मनमोह लिया.

ललित कला संस्थान की छात्राओं ने परिसर में चित्रकला प्रदर्शनी लगाई. इसे देख कला की अनूठी कृतियां सामने आईं. बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय के ललित कला विभाग की छात्राओं ने इनले वर्क पेंटिंग का नायाब प्रदर्शन किया.

सभी को किशन लाल लहरी स्मृति ट्रस्ट के गौरव लहरी और सभी अतिथियों ने सभी कलाकारों को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र दिए.


सराहनीय सहयोग किया
इस अवसर पर स्वीटी अग्निहोत्री, डॉ. शशि तिवारी आदि ने विचार रखे. राजवीर सिंह राठौर, डॉ. अरशद, डॉ. प्रेमशंकर, डॉ. ब्रज किशोर और राजीव जैन, चिन्मय शर्मा, मुदित शर्मा, दीपक जैन, प्रमेंद्र, मुदित शर्मा, निर्मल सिंह, रमेश मिश्रा, विशाल झा, अमोल शिरोमणि, वासिफ शेख, अनुज लहरी, चिन्मय गोस्वामी आदि ने सराहनीय सहयोग किया. संचालन मानस रघुवंशी और नीतू दीक्षित ने किया. अंत में समन्वयक डॉ विजय शर्मा ने सभी को धन्यवाद ज्ञापन किया.









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