Monday, March 5, 2018

रंग-ए-सुलहकुल: 'साझा' मंच पर रखी युवाओं ने 'विरासत'


'जिनका काम है सियासत, वो जाने, 
मेरा पैगाम है मोहब्बत, जहां तक पहुंचे' 
सुलहकुल के इस संदेश के साथ युवा विरासत की साझी पहल रंग-ए-सुलहकुल का आगाज सोमवार को गोवर्धन होटल में हो गया. इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई.

गूंजी तबले की थाप
कार्यक्रम का उद्घाटन श्रीमती भावना रघुवंशी और सूफी परंपरा के संवाहक सैयद अजमल अली शाह नियाजी ने संयुक्त रूप से किया. प्रख्यात शायर जनकवि नजीर अकबराबादी का होली गीत आकांक्षा शर्मा ने 'जब फागुन रंग झमकते हो' सुनाया. राग रिदम में युवा तबला वादक भानु प्रताप सिंह ने अपनी उंगलियों का जादू तबरे पर बिखेरा.

जन गीतों का गायन
भारतीय जन नाट्य संघ के कलाकारों ने दिलीप रघुवंशी के संयोजन में जन गीतों का गायन किया. इसमें अजय शर्मा, मिथुन चौहान, मनीष कुमार, अर्जुन गिरि, निर्मल सिंह, योगेंद्र स्वरूप, पुनीत, भारत, शिवम ने प्रतिभा का प्रदर्शन किया.

सुलहकुल संस्कृति का प्रतीक

होली व सुलहकुल को भाईचारे का प्रतीक बताते हुए डॉ. जेएन टंडन ने शहर के प्रमुख रंगकर्मी स्व. जितेंद्र रघुवंशी को सुलहकुल संस्कृति का प्रतीक बताया.

कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन
नृत्य ज्योति कथक केंद्र की नृत्यांगनाओं ने ज्योति खंडेलवाल के निर्देशन में 'सूर के कन्हाईÓ प्रस्तुत किया. इसमें कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया. इप्टा की नायाब प्रस्तुति 'सेठ बांकेमलÓ का चरित्र चित्रण का अभियन निर्मल सिंह ने किया.

गली-घाटों की प्रदर्शनी दिखी 
'जूम ऑन आगराÓ के तहत परिसर प्रदर्शनी में वासिफ शेख और अनुज लहरी ने आगरा के स्मारकों, गलियों और घाटों की फोटो प्रदर्शनी लगाई. संचालन डॉ. विजय शर्मा ने किया. विशिष्ट अतिथि गजेंद्र सिंह, स्वीटी अग्निहोत्री, डॉ. बृज खंडेलवाल, शशि शिरोमणि और शशि तिवारी आदि ने विचार रखे. कार्यक्रम में ज्योत्सना रघुवंशी, फैज अली शाह, चिन्मय शर्मा, मुदित शर्मा, दीपक जैन, आशीष दधीचि, मुदित शर्मा, शरद गुप्ता आदि ने सराहनीय सहयोग किया.



      *शब्द रंग*
*6 मार्च, मंगलवार,  3 बजे 2018*
*विमोचन : लघु पुस्तिका *
'उर्दू : हमारी साझी विरासत'
लेखक - शेष नारायण सिंह
   *सुलहकुल और उर्दू*
एक बातचीत
*उर्दू इश्क़ की जुबान*
एड. अमीर अहमद जाफ़री
उर्दू शायर 
*उर्दू और उसके तालिबे इल्म*
डॉ नसरीन बेगम 
वरिष्ठ प्राध्यापक, उर्दू विभाग
बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय, आगरा।
*सांस्कृतिक सत्र*
हवाईयन गिटार वादन :
शुभम सिंह जाखड़
गायन: अब्बास अमीर जाफ़री
*परिसर में प्रदर्शनी*
*कैरिकेचर*
मदन गोपाल, युवा कार्टूनिस्ट
(जलपान)
*स्थान: शहीद स्मारक, संजय प्लेस ,आगरा।* 

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